STATE TODAY|बड़ी खबर:कोविड वैक्सीन के दो डोज लगने के बाद भी 3 डॉक्टर व कई स्वास्थ्य कर्मी कोरोना पॉजिटिव,जिले में वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति नही होने से प्रभावित हुआ टीकाकरण अभियान,वैक्सिनेशन सेंटरों में लटक रहे है ताले

मुंगेली/जिले में करोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। कोरोना से बचाव के लिए लोग टीकाकरण के लिए वैक्सीन सेंटर पहुंच रहे है। वैक्सीन खत्म हो जाने से लोगों को वापस लौटना पड रहा है। दूसरी ओर कोविड से बचाव के लिए लगाये जा रहे टीके को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। जिला चिकित्सालय एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दोनो डोज लगने के पर्याप्त समय बाद भी पुनः करोना से संक्रमित हो रहे है।
कोविड-19 कोरोना वायरस से बचाव के लिए अलग-अलग कंपनियों के द्वारा बनाई गई वैक्सीन जिसे सरकार के द्वारा खरीदीकर आम जनता को कम कीमत में और शासकीय अस्पतालों में लोगों को मुफ्त में मुहैया कराया जा रहा है,लेकिन अब इसके परिणाम पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल जिले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी के द्वारा वैक्सीन के दोनों डोज ले लेने के बाद भी उसकी कोरोना एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट दोबारा पॉजीटिव आई है जिससे समूचे विकासखंड के साथ ही जिले में हड़कंप मचा हुआ है। जिले भर में आला अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा लगातार कोरोना टीका लगाये जाने के लिए सतत प्रयास किये जा रहे है। 45 वर्ष से उपर के लगभग 26 हजार लोगो को टीका लगाया जा चुका है। पूर्व में दूसरा टीका लगाने के लिए 28 दिन का समय दिया गया था जिसे बढ़ाकर 42 दिन कर दिया गया है। जिससे कई लोगो का दूसरा टीका भी नही लग पाया है। वही करोना वारियर्स के रूप में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को करोना का टीका दोनो डोज लग जाने के पर्याप्त समय बाद भी कोरोना से संक्रमित हो रहे है। करोना वारियर्स को लगाये जाने वाले टीके का उद्देश्य यह था कि इन्हे फिर से करोना का संक्रमण न हो। किन्तु दुर्भाग्यजनक बात यह है कि जिला चिकित्सालय के तीन डाक्टरों सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के कई कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाये गये है। वैक्सीन लेने के बाद कोरोना संक्रमित हुए हैं कई मामले जिले में ऐसे पहले भी आ चुके हैं जिससे वैक्सीन की गुणवत्ता और परिणाम सवालों के घेरे में है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वैक्सीन लगा लेने वालों को अगर संक्रमण होता है तो उन्हें अधिक खतरा नहीं होगा उनकी बचने की उम्मीद पूरी रहेगी। शरीर संतुलित रहेगा और वायरस से लड़ने के लिए खुद को तैयार कर लेगा। वैक्सीन के बाद दिखे लक्षण जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल सहित जिला मुख्य चिकित्सा कार्यालय के डां सहित कर्मचारियो मे कोरोना के लक्षण पाए जाने पर अपनी कोविड जांच कराई थी,जिसके बाद उनकी एंटीजन रिपोर्ट पॉजीटिव आई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सकंमित कर्मचारी को प्राथमिक उपचार देने के बाद होम क्वारन्टाइन कर दिए जाने की खबर है।

वैक्सीन पर उठ रहे सवाल

कोविड-19 की महामारी से बचने के लिए सभी को वैक्सीन का इंतजार था। सभी का मानना है कि बीमारी को फैलने से रोकने के लिए टीकाकरण ही एकमात्र उपाय है। देखा जा रहा है कि वैक्सीन लगने के बाद भी लोगों को कोरोना हो रहा है और उनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आ रही है। जिस वजह से लोगों की चिंता अब दोगुनी हो गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए लोग अब असमंजस में हैं, कि वैक्सीन लगवाएं या नहीं। लापरवाही चरम पर लोगों में कोरोना का डर पहले से बहुत कम हो गया है। लोग पूरी तरह से बचाव के उपायों का पालन नहीं कर रहे हैं। यह स्थिति तब है जब सरकार बार-बार लोगों को मास्क पहनने, हाथों को साफ करने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की सलाह दे रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बताए गए सेफ्टी प्रोटोकॉल की अनदेखी करने से मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। नियमो की जानकारी न होने व उचित सलाह नही मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड रहा है वही दूसरी ओर वैक्सीन लगवाने के दौरान डॉक्टर बार-बार लोगों को वैक्सीन के नियम बता रहे हैं। डॉक्टर की टीम द्वारा टीकाकरण के पहले और बाद में किए जाने वाले उपाय भी समझाए जा रहे हैं, लेकिन लोग इनकी बात न मानते हुए अपनी मनमर्जी कर रहे हैं, जिसका खामियाजा उन्हें कोविड शॉट लेने के बाद भुगतना पड़ रहा है।

खत्म हुई वैक्सीन,प्रभावित हुआ टीकाकरण अभियान

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य अमला एवं जनप्रतिनिधि कोरोना के बढते संक्रमण को देखते हुए अधिक से अधिक टीकाकरण के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रहे है। वही दूसरी ओर जिले मे वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति नही होने के कारण टीकाकरण का कार्य बंद रहा। शासन द्वारा रविवार को भी टीकाकरण करने का आदेश दिया गया था। सुबह 9 बजे से ही लोग टीका लगवाने के लिए टीकाकरण केन्द्र पहुंच गये थे किन्तु अधिकांश टीकाकरण केन्द्रों में ताले लटके रहे। जिससे लोग आक्रोशित होते रहे और भटकते रहे।

जांच केन्द्रों में सुविधा का अभाव

करोना को लेकर जिला प्रशासन जहां पूरी सक्रियता दिखा रही है। वही दूसरी ओर करोना के जांच के लिए बनाए गये सेंटरों में पर्याप्त सुविधा नही होने के कारण धूप में जांच कराने वाले नागरिक परेशान हो रहे है। जांच एवं टीकाकरण के लिए पर्याप्त मात्रा में बजट होने के बाद भी कोरोना जांच कराने के लिए शेड एवं अन्य व्यवस्थाएं नही होने के कारण लोग परेशान हो रहे है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महादेव तेदवे ने बताया कि करोना का ट्रेन्ड बदल जाने से इस तरह की परेशानी आ रही है। स्वास्थ्य कर्मचारियो के पॉजीटिव होने की खबर मिली है लेकिन इससे डरने या घबराने की जरूरत नही है। टीकाकरण के बाद संक्रमण हो भी जाए, तो डरने की जरूरत नहीं है। बल्कि टीकाकरण के बाद यह संक्रमण अधिक प्रभावी नहीं होगा। टीकाकरण दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए ट्रांसमिशन की संभावनाओं को भी कम करता है। साथ ही उन्होने बताया कि वैक्सीन के लिए गाड़ी भेजी गई थी किन्तु वैक्सीन उपलब्ध नही हो पायी। एक दो दिन में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जायेगी