जिला स्तरीय सामाजिक सद्भाव चिंतन बैठक सम्पन्न,सभी समाज को एक ही मंच में लाने के रणनीति पर किया गया विचार,सामाजिक सद्भाव बनाने सदैव प्रयास करते रहना जरूरी:राकेश तिवारी

मुंगेली/जिले के लोरमी में सभी समाजों को मिलकर एक साथ सामाजिक सद्भाव व समरसता हेतु बेहतर प्रयास करते रहना चाहिए।जिला क्षेत्र के समस्त समाज के प्रमुखों के बीच सामाजिक सद्भाव बैठक का सफल आयोजन किया गया।
आयोजन के संयोजक राकेश तिवारी,तोरण खांडे ने बताया कि मुंगेली जिले में सभी समाज को जोड़कर सामाजिक सद्भाव हेतु एक संगठन बनाया जाएगा। क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव हेतु ऐसा प्रयास होता रहना चाहिए।कार्यक्रम में सबका विचार व चिंतन का स्वाभाविक प्रकटीकरण हुआ । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथि कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने सामाजिक सद्भाव व समरसता की परिभाषा को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया।

आकाश परिहार ने कहा कि हम सभी को मिलकर जिला स्तर पर इस उद्देश्य को ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करना है। नरेश अग्रवाल ने कहा कि अलग-अलग जाति किसी को छोटा या बड़ा करने के लिए नहीं है ,अधिकार और कर्तव्य के साथ समानता रहना चाहिए। आईका के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शरद डड़सेना ने कहा कि समाज का काम करते समय, हमें किसी आलोचना से नहीं घबराना है, बल्कि गूंगा और बहरा रहकर समाज और देश के हित में लक्ष्य लेकर कार्य करते रहना है। सभी समाजों से 1-1 प्रतिनिधि लेकर के जिलास्तर पर एक संगठन बनाना है। रश्मि द्विवेदी ने कहा मातृशक्ति के बिना हम आगे नहीं बढ़ सकते, अहम् ब्रह्मास्मि से वयम ब्रह्मास्मि का समय आ गया है। हम जिस बर्तन में भोजन करते हैं उसी बर्तन में सब को भोजन जिस दिन कर आने लग जाएंगे उस दिन घर में सामाजिक समरसता आ जाएगी । समरसता, संघर्ष व साहस से आती है। इस पर चिंतन करते हुए समाज के विकास और सुरक्षा के लिए सबको पहल करने की आवश्यकता है बहुत सारा विषय है जिसे केवल एक समाज पूरा नहीं कर सकता बड़े विषयों के लिए सब समाज को आगे आकर अपनी भूमिका निर्वहन करनी पड़ेगी धर्मांतरण की चिंता सब समाज को एक मंच में आकर के मजबूती से रखनी होगी आरक्षण जातियों का है धर्म का नहीं धर्म बदलने के बाद आरक्षण खत्म हो जाना चाहिए मिलकर चिंतन विचार बैठक समीक्षा निरंतर चलते रहनी चाहिए यही सद्भाव है। सतवा नागवंशी ने कहा भारत की विरासत को हमें संजोकर रखना है । जाति आदमी ने बनाया है । वरिष्ठ साहित्यकार अशोक तिवारी एवं दिलीप बंजारा जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सबको मैं से हटकर हम की ओर आगे बढ़ना चाहिए। अपने लिए तो लड़ना सब जानते हैं, आज समाज और देश के लिए लड़ने की आवश्यकता पर बल दिया जाए। वक्ताओं में तोरण खांडेकर,संजय राजपूत,रामेश्वर बंजारे, अरुण कुलमित्र, लतारानी वैष्णव,अम्बालिका साहू,बिलासपुर से रश्मि द्विवेदी,अकत ध्रुव,राजकुमार मिश्रा, प्रेमनारायण लुनिया, गौकरण भास्कर,संतोष साहू,जवाहर ने अपने विचार रखें। सामाजिक सद्भाव बैठक को नियमित रूप से तीन माह में करते रहने की योजना बनी है ।अंत में सभी समाज प्रतिनिधियों ने एकसाथ भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी एवं वरिष्ठ साहित्य का राकेश तिवारी ने किया। कार्यक्रम में आधार प्रदर्शन तोरण खांडे के द्वारा किया गया। चिंतन बैठक में धनेश साहू ,उमाशंकर राजपूत, पूनम राजपूत ,दुर्गेश कश्यप ,रोहित सिंह, प्रशांत कुलमित्र ,महावीर सिंह ,संतदास अनिल ,प्रदीप शर्मा ,अश्वनी सोनवानी ,महेश खत्री, राजकुमार कश्यप , संतोष साहू, मेनकुमार भार्गव ,सुधीर गौतम ,सुधन सिंह बनर्जी ,मनोहर यादव ,राजेंद्र चतुर्वेदी ,जय सिंह रोहतास, मोहनदास सोनी ,रामेश्वर बंजारे ,सिद्धार्थ साहू ,नितेश साहू ,रामजी बर्मन, धनीराम यादव ,कमल प्रसाद बंजारा ,लक्ष्मण खांडे ,खेदु सिंह क्षत्री,राहुल सिंह ,दुलार मरावी, राहुल सिंह ,शकुंतला वैष्णव, सुरेखा ,अनिल वर्मा ,प्रेम नारायण लुनिया ,मनोज धुर्वे , राम कुमार मिश्रा ,अजय साहू ,तोरण साहू गुलाब सिंह मंडावी ,ब्रह्म दत्त त्रिपाठी, रमेश कुलमित्र ,रविंद्र केसरवानी ,आकाश सोनी ,भूपेंद्र सिंह ,धर्मेंद्र सिंह ,सुखदेव यादव, दिलीप बंजारा ,राजेश सोनी, नरेश यादव ,सूरज मोहले,स्वारथ दिवाकर, हरजिंदर छाबड़ा, सूर्यकांत शर्मा ,गोकरणभास्कर, , गोवर्धन जांगड़े ,लालाराम दिवाकर ,ओम प्रकाश धुर्वे ,श्रवण माखन सिंह मरावी ,दिलीप सोनी सहित अन्य मौजूद रहे।