शराब के लिए पैसे नही देने पर पत्नी की जलाकर हत्या करने वाले पति को पुलिस ने किया गिरफ्तार,तीन महीने तक मामले के जांच करने के बाद आरोपी पति तक पहुंची पुलिस

मुंगेली/कहते है इंसान गुनाह करके चाहे जितना छुपाने की कोशिश करे लेकिन वो बच नही सकता।ऐसा ही कुछ हुआ लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम डिडोल में जहां अपनी ही पत्नी को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी तक आखिर पुलिस पहुंच ही गयी लगभग तीन महीने पूर्व हुए इस घटना पर आज पुलिस ने पर्दा उठाते हुए शातिर अपराधी को धर दबोचा और उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया इस पूरे मामले के बारे में उप पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा ने बताया कि नवम्बर महीने के 30/11/2020 को सुबह 9:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम डिडोल में रहने वाली एक महिला बुरी तरह से जली हालात में लोरमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है जिसके गम्भीर हालत को देखते हुए उसे सिम्स बिलासपुर में भर्ती कराया गया है जिसका ईलाज के दौरान मौत हो गयी है इस मामले की सूचना मिलने के बाद लोरमी पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुजूर,अति.पुलिस अधीक्षक सी.डी. तिर्की व उप पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा को दिए जिसके बाद उनके निर्देश पर लोरमी प्रभारी के द्वारा मामले की बारीकी से जांच करते हुए महिला के परिजनों का बयान दर्ज किया गया जिसमें पूरी घटनाक्रम में महिला के पति के तरफ ही ईशारा करते हुए जो कहानी सामने आई वो इस प्रकार है कि पीड़ित महिला का पति रामचन्द्र निषाद आदतन शराबी था जो शराब के पैसे के लिए अपनी पत्नी उमा निषाद के साथ आये दिन विवाद करता था घटना के दिन भी आरोपी पति द्वारा अपनी पत्नी से शराब के लिए पैसे की मांग की तथा विवाद किया और उमा निषाद के द्वारा पैसे नही देने से आरोपी आगबबूला हो गया और घर मे रखे केरोसिन(मिट्टीतेल) को डालकर उमा को जला दिया जिससे वे गम्भीर रूप से घायल हो गयी जिसे उपचार के लिए सिम्स बिलासपुर में भर्ती कराया गया जिसका ईलाज के दौरान मौत हो गयी महिला की मौत होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया और हत्या की धारा 302,201 के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए उसे आज गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से आरोपी रामचंद्र निषाद को न्यायिक रिमांड में जेल दाखिल किया गया है इस कार्यवाही में लोरमी थाना प्रभारी उप निरीक्षक आलोक सुबोध,महासिंह धुर्वे,प्रधान आरक्षक विजय राजपूत,आरक्षक मनोज टण्डन,अनिल मरावी,सोनू जांगड़े तथा नगर सैनिक राजेन्द्र राजपूत की अहम भूमिका रही