STATE TODAY|तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति में दस प्रतिशत की बाध्यता को सरकार ने एक वर्ष के लिए किया शिथिल,छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने किया स्वागत

छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने सरकार का जताया आभार, कहा- दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को मिलेगी राहत।

मुंगेली/छग सरकार ने तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने हेतु 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को 31 मई 2022 तक के लिए शिथिल कर दिया है। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने सरकार के उक्त निर्णय का स्वागत किया है।
छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दीपक वेंताल ने बताया कि तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने हेतु 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को शिथिल किए जाने से दिवंगत कर्मचारियों के परिवार को राहत मिलेगी। साथ ही कोरोना के दौरान भी सैकड़ो शिक्षकों की असमय मृत्यु हुई है। सैकड़ो परिवार बेसहारा हो गए थे। सरकार के इस निर्णय से उन परिवारों की पुनः आस जगी है और उन्हें अब जल्द ही उनका अधिकार मिल पायेगा। संघ के जिला सचिव नरेंद्र तिवारी ने बताया कि संघ द्वारा दिवंगत कर्मचारियों के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति तथा 50 लाख के बीमा का लाभ देने की मांग लगातार की जा रही थी। सरकार ने देर सवेर ही सही पर कैबिनेट की मंजूरी के पश्चात अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत की बाध्यता को समाप्त किया है। अब मृतक कर्मचारियों के परिवारों को निश्चित ही लाभ मिल सकेगा।

संघ के मुंगेली ब्लाक अध्यक्ष नेमीचंद भास्कर,पथरिया ब्लॉक अध्यक्ष गुनाराम निर्मलकर व लोरमी ब्लाक अध्यक्ष धनश्याम देवांगन ने बताया कि सरकार का निर्णय सराहनीय है। संगठन सदैव अपने कर्मचारियों के हित के लिए तत्पर हैं। हम अपनी बात पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया के माध्यम से सदैव शासन एवं प्रशासन तक पहुंचाते रहें हैं। सरकार के उक्त फैसले से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार करने वाले दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को राहत मिलेगी। संघ के राधेश्याम राय, पी के बंजारे, बीरबल सोनकर, मयूर पुष्कर लाल,ऋषि क्षत्रिय , मोहन उपाध्याय, पी.एल दिवाकर, हरीश मंडावी, सुशील जांगड़े,मोहन कश्यप,दुर्गेश देवांगन,रितेश पांडेय विकासनाथ जोगी,अखिलेश शर्मा, सत्येंद्र पटेल, राजेन्द्र नेताम, रामेश्वर राव,ज्वाला बंजारे,महेंद्र यादव,अवनीश तिवारी,रधुराज देवांगन,कृष्णकुमार यादव,हरिशंकर गुप्ता, सहित समस्त सदस्यों ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।