सीबीआई जांच एवँ भ्रष्टाचार के मामले में फसाने डर दिखाकर वन विभाग के अधिकारी से करोड़ो वसूलने वाले आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार,जानिए कैसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक

मुंगेली/कम समय मे ज्यादा पैसा कमाने के लालच में इंसान किसी हद तक पहुंच सकता है हराम की कमाई के चकाचौंध में वो सब चीज को नजरअंदाज कर देता है और कर बैठता है ऐसा जुर्म जिसके इनाम में मिलता है उसे जेल की यात्रा ऐसा ही एक मामला सिटी कोतवाली खेतर में सामने आया जिसमे आरोपियों द्वारा अपने आपको पत्रकार बताते हुए वन विभाग के अधिकारी से करोड़ो रुपयों की उगाही किया गया जिसे अधिकारी के शिकायत पर पुलिस ने गिरफ्तार है वही मामले का एक आरोपी फरार है इस पूरे मामले का पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करते हुए बताया कि मुंगेली वन विभाग में पदस्त रेंजर सी आर नेताम के द्वारा एक शिकायत दर्ज कराई गई के दो व्यक्तियों के द्वारा उनका भयादोहन करते हुए उनसे करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये की उगाही किया गया है इस शिकायत के आधार पर जिले के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुजूर के द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पतासाजी के लिए एक टीम तैयार करते हुए अति.पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवँ SDOP तेजराम पटेल के मार्गदर्शन में मामले के आरोपी परमवीर मरहास पिता स्व प्यारा सिंह तथा उसके महिला साथी वर्षा तिवारी पिता विपिन तिवारी को उनके बिलासपुर के निवास पर दबिश देते हुए हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया वही मामले में शामिल तीसरा आरोपी सरताज फरार होने में कामयाब हो गया।इस मामले के बारे में विस्तार से पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी परमवीर मरहास एवँ वर्षा तिवारी जो अपने आपको पत्रकार बताते है तथा एक वेब पोर्टल न्यूज़ 24 CG.COM में कार्य करते हुए इनकी मुलाकात बिलासपुर के ही ईरानी मोहल्ले में रहने वाले सरताज से हुई जिसने आरोपियों को बताया कि रतनपुर में पदस्त रेंजर सी आर नेताम के पास बहुत सारा पैसा है अगर उसे किसी मामले में फसाने का झांसा देते हुए धमकी दे तो उससे बहुत पैसा वसूल किया जा सकता है इसके बाद आरोपी परमवीर मरहास और वर्षा तिवारी वन विभाग के रेंजर के पास पहुंचकर योजना के मुताबिक उससे मिलकर उसे धमकी देते हुए बोले के तुम्हारे खिलाफ भ्र्ष्टाचार की बहुत शिकायत मिल रही है जिसके लिए सीबीआई की एक टीम भी जांच कर रही है जिससे तुम पूरा बर्बाद हो जाओगे और तुम्हे भ्र्ष्टाचार के मामले में अंडमान निकोबार के जेल भेज देंगे जिसके बाद तुम्हारा परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा कहने पर रेंजर घबरा गया जिसके बाद आरोपियों ने उससे एक बड़ी रकम की मांग की साथ ही उसे भरोषा दिलाया के सीबीआई अधिकारी उसके पहचान के है वें पूरे मामले को संभाल लेंगे और तुम्हे कुछ नही होगा जिसके बाद रेंजर ने उन्हें उक्त मामले से बचने के लिए वर्ष 2019 से अभीतक करीब 1 करोड़ 40 लाख की रकम दे चुके है

तथा आरोपियों से और रकम की मांग करने पर अपने परिवार के कहने पर अंततः पुलिस से शिकायत किया गया वही पकड़े गए आरोपियों से पुलिस पूछताछ में अपना अपराध कबूल करते हुए आरोपियों ने बताया कि रेंजर से उगाही किये गए उक्त रकम से आरोपियों ने एक बुलेट मोटरसाइकिल,एक एक्टिवा स्कूटी,एक मारुति स्विफ्ट कार,एक टाटा सफारी तथा सोने चाँदी के जेवर की खरीदी किये साथ ही आरोपियों ने ये भी बताया कि रेंजर से उगाही किये गए रुपयों में से करीब 60%की राशि तीसरा आरोपी सरताज के पास है गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस ने करीब 8 लाख 15 हजार नगद तथा खरीदी किये गाड़ियों की जीनकी अनुमानित कीमत 25 लाख 50 हजार रूपये जिसे बरामद कर जप्त किया गया है वही फरार आरोपी सरताज की पतासाजी में जुटी हुई है वही मामले के आरोपी परमवीर मरहास एवँ वर्षा तिवारी के खिलाफ धारा 384,386 के तहत मामला दर्ज करते हुए न्यायिक रिमांड में जेल रवाना कर दिया है इस पूरे कार्यवाही में सिटी कोतवाली एवँ सरगांव थाना के द्वारा संयुक्त रूप से शामिल रहे जिसमे सिटी कोतवाली प्रभारी विश्वजीत सिंह,उप निरीक्षक अमित कुमार कौशिक,सहा.उप निरीक्षक सुशील बंछोर,बी पी जांगड़े,बी आर राजपूत,प्रधान आरक्षक मनीष सिंह,आरक्षक लोकेश सिंह,दिलीप साहू,गिरिराज परिहार, संजय यादव,दयाल गावस्कर,केकम सिंह,रवि मिंज,रामशंकर जायसवाल, कमलेश यादव,महिला आरक्षक पुष्पा ध्रुव,अनिता नेताम,एवँ निधि राजपूत का अहम योगदान रहा