STATE TODAY|SDM के ऊपर लगा गम्भीर आरोप,कार्यालय में पदस्त अधिकारी कर्मचारियों ने लगाया आरोप,कलेक्टर से की शिकायत

रितिक मेहरा की रिपोर्ट

जशपुर/जिले के बगीचा में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा की महिला एसडीएम ज्योति बबली कुजूर पर अधीनस्थ कर्मचारियों ने आर्थिक व् मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है।घर के राशन से लेके कबूतर तक की डिमांड के साथ ट्रांसफर व गिफ्ट चंदा के नाम पर लाखों रुपए वसूलने के आरोप एसडीएम पर लगा है।अधीनस्थ कर्मचारियों ने मामले की शिकायत जिला कलेक्टर महादेव कावरे से की है …कलेक्टर महादेव कांवरे ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर एक सप्ताह के अन्दर रिपोर्ट तलब की है ……इस सिलिसिले में खुद वे बगीचा पंहुचे जहां अब मामले की जांच शुरू हो गई है।
मामला है छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले का जहाँ बगीचा तहसील की अनुविभागीय अधिकारी ज्योति बबली कुजूर पर तीस पटवारी,तीन राजस्व निरीक्षकों समेत तीन तहसीलदारों ने मिलकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं …..बात करे आरोपों की तो एसडीएम ज्योति बबली कुजूर पर अवैध रूप से रिश्वत लेने के अलावा घर के राशन,बर्तन ,देशी मुर्गा और कबुत्तरों तक की डिमांड की बात शिकायत में की गई है ….वहीँ ट्रांसफर के नाम पर पटवारियों से हजारों रूपए वसूले जाने की शिकायत पटवारियों ने की है ….यहां तक की तहसीलदार के माध्यम से होली चंदा के नाम पर 7 लाख रुपए वसूलने के लिये पटवारियों से कहा गया था।जिसका विरोध कर पटवारियों ने एक एक हजार रुपए दिया। दरअसल आरोपों की फेहरिस्त लम्बी है … पटवारी,शिकायतकर्ता का कहना है कि इतना ही नहीं एसडीएम मैडम की धमकी से भी आपको वाकिफ कराते हैं …दरअसल जो मैडम की बात नहीं मानता उसे ये भी धमकी दी जाती है कि मैं तुमको दो झापड़ लगा दूंगीं तुम कुछ नहीं कर पाओगे …कई महिला पटवारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि मैडम को उन्होंने ट्रांसफर के लिए पैसे नहीं दी तो उन्हें दूरस्थ इलाकों में भेज दिया गया…इतना ही नहीं घर के राशन के लिए बिलों का भुगतान भी एसडीएम मैडम पटवारियों से कराती है ….और तो और …जब भी किसी अधिकारी का दौरा होता है तो प्रोटोकाल के नाम पर चंदा इकठ्ठा कराकर सामान अपने घर भिजवाती है …..

मामले में जब तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने सीधा आरोप एसडीएम ज्योति बबली कुजूर पर लगाया और कहा कि उच्चाधिकारियों को गिफ्ट देने का हवाला देकर उन्होंने पटवारियों से सात सात हजार रूपए की मांग की जब पटवारियों ने एसडीएम की बात नहीं मानी तो उन्होंने तहसीलदार को भगा दिया और फिर पटवारियों ने एक एक हजार चंदा करके पैसा एसडीएम को दिया …

मामले में जिला कलेक्टर ने तीन सदस्यीय जाँच टीम का गठन कर दिया है,जिसमे अपर कलेक्टर,डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार शामिल हैं जो पटवारियों से बयान लेकर मामले की जाँच करेंगे और एक हफ्ते में जिला कलेक्टर को मामले की रिपोर्ट सौपेंगे….