STATE TODAY|जिले में हैं एक ऐसा परिवार,जिसने दान व निःस्वार्थ सेवाभाव के पेश किये कई मिशाल,जानिए परिवार के मुखिया ने कैसे संजो के रखा है अपने इस परिवार को

मुंगेली/आज के जमाने मे संयुक्त परिवार बहुत कम देखने को मिलते है इन सब के बीच एक संयुक्त परिवार मुंगेली बसता है,सबके दिलो में अपनी एक अलग छाप छोड़ते है,जो वर्षो से दान धर्म को प्राथमिकता देते आये है।हम बात कर रहे बांकी के प्रतिष्ठित मालगुजार प्रेम सिंह बघेल की जिन्होंने अपने पूरे परिवार को सिखाया है कि लोगो की मदद करना ही हमारा पहला कर्तव्य है,

मुंगेली से महज 8 किलोमीटर पर ग्राम बांकी में दानवीर मालगुजार परिवार वर्षो से आसपास के गांव में गरीब लोगो की आर्थिक मदद करते आ रहे चाहे वो बीमार लोगो की मदद की बात हो या किसी अन्य समस्या परेशान रहे हो साथ ही धार्मिक,सामाजिक,सांस्कृतिक तथा जनहित में लोगो की मदद करते आ रहे है ये मुंगेली के लिए उदाहरण है एक ओर जहाँ आज इस महामारी के कठीन दौर में जब अमीर से लेकर गरीब तक अधिकारी से लेकर चपरासी तक इस महामारी से नहीं बच पाये ऐसे में बाँकी मालगुजार परिवार एक अनुपम उदाहरण बनकर सामनें आया है ,आज हर परिवार सिकुड कर छोटा होता जा रहा ऐसे दौर में भी यह संयुक्त परिवार अनुपम उदाहरण है। इस परिवार के मुखिया प्रेम सिंह बघेल हैं जिनकी प्रतिष्ठा और दानवीरता किसी परिचय की मोहताज नही। जितना बडा परिवार है संपत्ति भी ईश्वर नें उसी अनुपात में दिया है,संपत्ति तो बहुतों के पास है पर घर का हर सदस्य दानवीर और सह्मदय है यह इस इस परिवार की की बहुत बडी खासियत हैं,धन और बडे परिवार के उदाहरण बहुत मिलेंगे पर दान धर्म और संवेदना से युक्त परिवार आज की स्थिती में मेरी नजर में यही है।
मुंगेली का ऐसा कोई सार्वजनिक कार्य हो जिसमें जनसहयोग की आवश्यकता हो और इस परिवार की सहभागिता ना हो ऐसा संभव ही नहीं है।
इनका पुरा संयुक्त परिवार 30 सदस्यों का है जिसमें से 13 सदस्य इस बार करोना महामारी के चपेट में रहे कुछ निजी हास्पिटल में भी एडमिट रहे लम्बा चौडा बिल भी आया,आज सभी स्वस्थ होकर घर आ गये हैं।
इतनें बडे विपत्ति में भी इस परिवार को गरीबों और महमारी से पिडितों का ध्यान रहा अपनें स्वास्थ्य के साथ गरीबों की सेवा में पिछे नहीं रहे।
इस लाकडाउन में बाँकी परिवार से प्रयास अ स्मालट्रेप संस्था को पाँच क्विंटल चावल,नगद आथिँक सहयोग के रूप में शिवप्रताप सिंह द्वारा 5,101,रणजीत सिंह द्वारा 5,000 बलराज सिंह द्वारा 11,000 रामपाल सिंह द्वारा 11,000की राशि आक्सिजन सिलेंडर,पके भोजन,सुखा राशन किरानें के लिए गरीबों की सेवा हेतु प्राप्त हुआ।
ये बाते इसलिए आवश्यक है और आप लोगों के सामने़ लाना जरुरी है क्योंकी जिसके परिवार में इतनें लोग संक्रमित हो वे स्वयं के मानसिक ,आर्थिक सक्रमण से लडते हुए गरीबों की सेवा में भी आगे रहे। बाँकी परिवार ने दिलेरी सह्रदय, दानशीलता की मिसाल पेश की है।