अपने ही माँ के खून से हांथ रंगने वाले कलयुगी बेटे को मिली आजीवन कारावास,लोक अभियोजक मनीष चौबे ने की शासन की ओर से पैरवी

मुंगेली/ जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविन्द कुमार सिन्हा द्वारा 08 मार्च 2021 को दो वर्ष पूर्व दर्ज अपनी माॅ की हत्या के आरोपी दयाशंकर राजपूत को भा.द.स. धारा 302 के अपराध में आजीवन कारावास एवं 02 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया एवं अर्थदण्ड के राशि अदा नही किये जाने पर 01 वर्ष सश्रम कारावास तथा भा.द.स. की धारा 201 के अपराध में तीन वर्ष कारावास एवं 5 सौ रूपये के दण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड कि राशि अदा नही किए जाने पर छः मास सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। इस प्रकरण में शासन की ओर से जिला लोक अभियोजक मनीष चौबे द्वारा पैरवी की गई।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि मृतिका जगबाई 4 जनवरी 2019 को 10 – 15 दिनों पूर्व से लापता थी। जिस पर उसके दामाद राजकुमार लोधी द्वारा इस आशय से रिपोर्ट थाना पथरिया में दर्ज कराई गई थी कि उसकी सास मृतिका जगबाई उम्र 65 वर्ष निवासी कान्हरपुर 10 – 15 दिनों से नही दिख रही है। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना प्रभारी पथरिया सुरेन्द्र मिश्रा द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी दयाशंकर को विवेचना के दौरान शक के आधार पर अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया था, जिस आरोपी द्वारा अपनी माॅ को टोनही समझकर उसका गला दबाकर हत्या कर दिया गया, साथ ही आरोपी ने अपने बाड़ी में बांस के पेड़ के पास गढ्ढा खोदकर दबा देना बताया था। जिसके आधार पर तहसीलदार पथरिया द्वारा उक्त शव का उत्खनन कर गवाहों के समक्ष बरामद कराया गया था। सम्पूर्ण विवेचना कार्यवाही के बाद भा.द.स. की धारा 302 सहपठित धारा 34, धारा 201 एवं छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना अधिनियम की धारा 4, 5 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। इस प्रकरण में कोई प्रत्यक्षदर्शी साक्षी नही था। तथा सम्पूर्ण प्रकरण प्ररिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित था। जिसके समर्थन में लोक अभियोजक द्वारा 18 गवाहों का परीक्षण न्यायालय के समक्ष कराया गया था। अभियुक्त के द्वारा बताए गए स्थान से मृतिका जगबाई का शव गवाहों के समक्ष बरामद होने के आधार पर तथा अभियुक्त द्वारा किए गए अपराध के लिए अन्य गवाहों के कथन के आधार पर माॅ के हत्या के आरोपी को विद्वान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविन्द कुमार सिंन्हा द्वारा उपरोक्त सजा से दंडित किया गया।