आखिर कौन लिखता है प्रधानमंत्री मोदी के लिए भाषण,कितनी राशि होती है खर्च,जानिए RTI के जरिए क्या मिला जवाब

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोजाना किसी न किसी कार्यक्रम में व्यस्त रहते हैं। इस दौरान उन्हें रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, बजट, वित्त समेत कई अन्य मुद्दों पर लोगों का संबोधन करना होता है। यही नहीं, इस कोरोना काल में भी वो आए दिन वेबिनार को संबोधित करते दिख जाते हैं। लगभग हर दिन, पीएम मोदी कई जगहों पर यात्रा कर भाषण दे रहे होते हैं। इनमें राजनीतिक रैलियों से लेकर, किसी योजना या कार्यक्रम को शुरू करने, छात्रों को संबोधित करने व कई मुद्दों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने तक के कार्यक्रम शामिल होते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने व्यस्त रहते हैं तो उनके इतने भाषणों को कौन लिखता है?

इस सवाल का जवाब पाने के लिए एक प्रमुख समाचार ग्रुप ने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी। इस आवेदन में उन लोगों के बारे में और उनकी संख्या के बारे में जानकारी मांगी जो विभिन्न अवसरों के लिए पीएम मोदी के भाषणों को तैयार करने में शामिल रहते हैं। इस आरटीआई में यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री के लिए लिखे जाने वाले भाषणों के लिए कितनी राशि खर्च की जाती है और इसे तैयार करने वाले लोगों को इस काम के लिए कितना पैसा मिलता है?

आरटीआई के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम के भाषणों को तैयार करने में खर्च की जाने वाली राशि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। जवाब में कहा गया कि विभिन्न स्रोतों से इनपुट प्राप्त होने के बाद, प्रधानमंत्री अपने भाषणों को अंतिम रूप देते हैं।

पीएमओ ने आरटीआई के जवाब में कहा, इवेंट की प्रकृति के आधार पर यानी किसी प्रकार का इवेंट है उसके आधार पर विभिन्न व्यक्ति, अधिकारी, विभाग, संस्थाएं, संगठन आदि पीएम के भाषण के लिए इनपुट प्रदान करते हैं। इसके बाद पीएम खुद इन इनपुट्स को आधार बनाकर अपने भाषण को अंतिम रूप देते हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय से मिले आरटीआई के जवाब में बताया गया कि जवाहरलाल नेहरू के समय से लेकर नरेंद्र मोदी तक, प्रधानमंत्री के प्रत्येक भाषण के लिए पार्टी यूनिट्स, मंत्रालयों, संबंधित विषय विशेषज्ञ और पीएम के लिए काम करने वाली निजी टीम प्रधानमंत्री के भाषणों के लिए इनपुट जुटाते रहे हैं और सिलसिला अभी भी जारी है।

कहा जाता है कि जवाहरलाल नेहरू अपने भाषणों को लिखने में बहुत समय व्यतीत किया करते थे। लेकिन पीएम मोदी व्यक्तिगत रूप से अपने भाषण को अंतिम रूप देने के लिए कितना समय देते हैं, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है।